UPSC हिंदी माध्यम
20 november 2019
UPSC करंट टूडे "छोटा नोट्स बड़ा काम "
1.50 वाँ फ़िल्म महोत्सव
2.सरोगेसी विनियम विधेयक
3."श्री लंका के राष्ट्रपति की पहली विदेश यात्रा भारत से शुरू कर रहें हैं ।"डिप्लोमेसी वर्ड में एक बहुत अच्छा इंडिकेशन माना जाता है ।
सड़क मार्ग से माल वहन की लागत प्रति टन किलोमीटर 2.58 रुपये पड़ती है जबकि रेल से यह 1.41 रुपये प्रति टन-किमी और जलमार्ग से 1.06 रुपये प्रति टन-किमी पड़ती है।
इसके बावजूद देश में मालवहन का अधिकांश हिस्सा यानी करीब 60 फीसदी हिस्सा सड़क मार्ग के माध्यम से ढोया जाता है।
चीन में मालवहन में सड़क की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत और जर्मनी में महज 11 प्रतिशत है।
सड़क मार्ग पर जरूरत से अधिक निर्भरता के कारण हमारे देश में किसी उत्पाद के अंतिम मूल्य में लॉजिस्टिक्स की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक है।
विकसित देशों में यह बमुश्किल 9 से 10 प्रतिशत है।
इतना ही नहीं सड़क परिवहन की तुलना में जलमार्ग से होने वाले परिवहन में प्रदूषण भी अत्यंत कम होता है।
वर्ष 2015 में उसने महत्त्वाकांक्षी सागरमाला परियोजना की शुरुआत की थी।
इस परियोजना के तहत जलमार्गों में मालवहन की सुविधा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया।
इस परियोजना में नए बंदरगाहों का विकास करना, बंदरगाहों का आपसी संपर्क कायम करना और उनके आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल था। इस प्रकार का संचार स्थापित करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
जलमार्गों के इस्तेमाल से लागत में होने वाली बचत गंवाई जा सकती है अगर जहाजों को टर्मिनलों पर खड़े होकर माल को ट्रक या रेल से जहाज पर पहुंचाए जाने की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
इसके बावजूद देश में मालवहन का अधिकांश हिस्सा यानी करीब 60 फीसदी हिस्सा सड़क मार्ग के माध्यम से ढोया जाता है।
चीन में मालवहन में सड़क की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत और जर्मनी में महज 11 प्रतिशत है।
सड़क मार्ग पर जरूरत से अधिक निर्भरता के कारण हमारे देश में किसी उत्पाद के अंतिम मूल्य में लॉजिस्टिक्स की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत तक है।
विकसित देशों में यह बमुश्किल 9 से 10 प्रतिशत है।
इतना ही नहीं सड़क परिवहन की तुलना में जलमार्ग से होने वाले परिवहन में प्रदूषण भी अत्यंत कम होता है।
वर्ष 2015 में उसने महत्त्वाकांक्षी सागरमाला परियोजना की शुरुआत की थी।
इस परियोजना के तहत जलमार्गों में मालवहन की सुविधा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया।
इस परियोजना में नए बंदरगाहों का विकास करना, बंदरगाहों का आपसी संपर्क कायम करना और उनके आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल था। इस प्रकार का संचार स्थापित करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
जलमार्गों के इस्तेमाल से लागत में होने वाली बचत गंवाई जा सकती है अगर जहाजों को टर्मिनलों पर खड़े होकर माल को ट्रक या रेल से जहाज पर पहुंचाए जाने की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
राज्यसभा बुनियादी रूप से बुद्धिजीवी लोगों की सभा है ।
लेकिन अभीतक राज्यसभा अपनी वास्तविक रूप को स्थापित नहीं कर सकी है । अभी के समय में राज्यसभा की आलोचना इसी को लेकर होने लगी है कि राज्यसभा राजनीतिक पार्टियों के हितों को साधने की सभा बन कर रह गई है ।
लेकिन अभीतक राज्यसभा अपनी वास्तविक रूप को स्थापित नहीं कर सकी है । अभी के समय में राज्यसभा की आलोचना इसी को लेकर होने लगी है कि राज्यसभा राजनीतिक पार्टियों के हितों को साधने की सभा बन कर रह गई है ।
-राजनीतिक पार्टी अपने किसी हितधारकों को लोकसभा का सीट नहीं दे पाते हैं तो उसे मानने के लिए राज्यसभा की सीट दे देता है । लेकिन राज्यसभा के माध्यम से प्रतिभावान लोगों को भी प्रशासन में लाया जा सकता है।
-राज्यसभा का स्वरूप भी राजनीति से हटकर नहीं है ।जैसे राज्यसभा के सांसद को राज्य के विधानसभा के विधायक द्वारा चुना जाता है ये विधायक राजीतिक नेता होते हैं जब वह वोट देते हैं तो अपने राजनीतिक लाइन से बाहर नहीं आते ।
-अगर लोकसभा में बहुमत वाले राजनीति दल का बहुमत राज्यसभा में न हो तो ,ये भी देखने को मिला है जो महत्वपूर्ण विधेयक होता है वह राज्यसभा से पारित नहीं होता है जबकि पूरा देश भी इस विदेयक को पारित करना चाहते हों ।
20 november 2019 current news for upsc, psc in hindi
Reviewed by ranjankumar
on
8:38 PM
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